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यानी ये साबित हो गया कि भारत विरोधी नारे #JNU में नहीं लगे बल्कि स्मृति की सहयोगी शिल्पी ने फ़र्ज़ी विडिओ के आधार पर, टीवी चैनल्स के साथ साज़िश के तहत भाजपाई दिमागों में लगे.
राहुल गाँधी उर्फ़ “पप्पू” एक बार फिर सही साबित हुए और सत्य के साथ दिखे.
तमाम नौटंकी करने के बावज़ूद स्मृति का झूठ परत दर परत खुलता गया. पुलिस कमिश्नर पुलिस के नहीं बल्कि बीजेपी के एजेंट साबित हुए..
हमें ये सोचने-समझने की आवश्यकता है कि ये सरकार नीचता के सभी प्रतिमानों को ध्वस्त कर के सत्ता के लिए समाज को येनकेन प्रकारेण बाँटना चाहती है. इस षड्यंत्र में फ़र्ज़ी विडिओ से लेकर संसद में झूठ बोलने तक और नकली हाफ़िज़ सईद के ट्वीट के आधार पर गृहमंत्री के बयान तक, पूरी सरकार और उस के मुखिया एकजुट है.
हरियाणा की हिंसा को भडकाने में भी एक बीजेपी सांसद का नाम सामने आ रहा है.
देश के बुद्धिजीवी तबके को जागृत होने और आँखे खोलने की ज़रूरत है.. हरियाणा की हिंसा आप पर भी हो सकती है… अगले कन्हैया आप भी हो सकते हैं.
यदि उपरोक्त प्रकरणों से आप का मन व्यथित होता है तो आप में देश और लोकतंत्र के प्रति अपनापन बाक़ी है.. यदि आप को इन में सरकार और PM निर्दोष प्रतीत होते हैंतो यकीन मानिए, आप “भक्त” हो चुके हैं…
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